नई दिल्ली. राजस्थान सरकार को केंद्र ने बड़ा झटका दिया है


स्मार्ट सिटी जयपुर, उदयपुर, अजमेर और कोटा में 7 स्वतंत्र निदेशकों की जो नियुक्ति की गई थी उन पर केंद्र ने रोक लगा दी है. केंद्रीय मंत्रालय के ने इसके पीछे बिना अनुमति स्वतंत्र निदेशक नियुक्तियां करने का हवाला दिया

बता दें कि 15 जुलाई को राज्य सरकार ने आदेश जारी करते हुए जयपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर स्मार्ट सिटी में 7 नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किए थे, जिसकी शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है.नकारी मिली है कि जिन लोगों की नियुक्ति स्मार्ट सिटी में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर की थी, उनका टाउन प्लानिंग या शहरी विकास से जुड़े मामले कोई खास अनुभव नहीं था. और यह एक तरह से 'पॉलिटिकल ऑब्लिगेशन' का मामला था. 15 जुलाई स्वायत्त शासन निदेशालय के सचिव ने एक आदेश जारी करते हुए जयपुर स्मार्ट सिटी और कोटा स्मार्ट सिटी में वाइस चेयरमैन की नियुक्ति की थी. इस आदेश में कंपनी एक्ट 2013 का हवाला देते हुए चारों शहरों में बनी स्मार्ट सिटी जयपुर, उदयपुर, अजमेर और कोटा में 7 स्वतंत्र निदेशकों की भी नियुक्ति की थी. इसमें स्मार्ट सिटी जयपुर में जय आकड़, डॉ. पूनम शर्मा, स्मार्ट सिटी कोटा में रविन्द्र त्यागी, रजनी गुप्ता, स्मार्ट सिटी उदयपुर में सज्जन कटारा और स्मार्ट सिटी अजमेर में डॉ. गोपाल बाहेती और राजकुमार जयपाल को नियुक्त किया था. स्मार्ट सिटी में की गई डायरेक्टर की नियुक्ति में अपनों को जगह दी गई है.

बताया जा रहा है कि ये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश पर की गई थी. इन नियुक्ति में दो तो पूर्व विधायक हैं. सज्जन कटारा और डॉ. गोपाल बाहेती पूर्व विधायक रह चुके हैं. कोटा में नियुक्त हुई रजनी गुप्ता राज्य बिजली निगम में सीएमडी रहे एकेगुप्ता की पत्नी हैं. ऐसे में इन नियुक्तियों पर सवाल भी उठ रहा था