मुनेश मीना कैमकच्छ निवासी छात्र ने एक गर्भवती महिला को रक्तदान कर जान बचाई।

मुनेश मीना कैमकच्छ निवासी छात्र ने एक गर्भवती महिला को रक्तदान कर जान बचाई।


रिपोर्ट सतीश नापित ।। रक्तदान के क्षेत्र में नवयुवकों ने अपनी पहचान बनाने व जनसेवा के लिए बहुत आगे बढ़ते जा रहे है। डी. सी. मीना करौली,व बादशाह मीना धौलपुर ने बताया कि गर्भवती महिला चिंता मीना गुरदह, (भांकरी ), निवासी, उम्र 27वर्ष,  सामान्य चिकित्सालय करौली में भर्ती थी। तो चिकित्सक ने रक्त का अभाव बताकर कहा कि जच्चा, बच्चा दोनो को परेशानी आ सकती है। इसलिए रक्त की जरूरत है। अस्पताल में रक्त के अभाव के कारण गर्भवती चिंता मीणा जिंदगी और मौत से जूझ रही थी। तो पीड़ित परिवार को सूचना मिली कि डी.सी. मीना करौली व बादशाह मीना धौलपुर रक्त के क्षेत्र में जनसेवा करते रहते है। जानकारी मिलते ही डी.सी.मीना करौली ने अपने दोस्त मुनेश मीना कैमकच्छ को तुरंत प्रभाव से कॉल किया तो मुनेश मीना अपना निजी काम छोड़कर निजी खर्चे से करौली ब्लड बैंक पहुंचे और उस गर्भवती महिला चिंता मीना को ब्लड की जरूरत को पूरा करने के लिए रक्तदान कर जान बचाई। इतना कुछ होने के बाद भी प्रसव क्रिया से पहले ही बच्चा मृत अवस्था मे ऑपरेशन से निकाला। डी.सी.मीणा करौली ने मुनेश मीना कैमकच्छ का आभार जताया। मोटीवेटर डी.सी.मीना करौली, रामरूप मीना डाबर, बादशाह मीना धौपुर आदि सदस्यों का पीड़ित परिवार ने आभार व्यक्त किया।
अंत मे मोटिवेटरों ने कहा " नर सेवा ही नारायण सेवा" ।।