राज्य निर्वाचन आयोग की अनदेखी कर तबादले करना शिक्षा विभाग को पड़ा भारी, सभी तबादले निरस्त

जयपुर. राजस्थान सरकार में तबादलों का मौसम चल रहा है और यह इतना जबरदस्त चल रहा है कि यहां शिक्षा विभाग ने तो राज्य निर्वाचन आयोग के ही आदेशों की अवहेलना कर हजारों तबादले कर दिए. अब मामले में सख्ती बरतते हुए आयोग ने उसके आदेशों के खिलाफ जारी किए गए सभी तबादला आदेश निरस्त कर दिए हैं.

दरअसल राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को एक आदेश जारी किया और साफ कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश उन छह जिलों में भी तबादले कर दिए गए जहां जिला परिषद और पंचायत समिति के सदस्यों के चुनाव होने हैं. यहां अभी आदर्श आचार संहिता लागू है, बावजूद इसके तबादले कर दिए है. और तो और इस मामले में निर्वाचन आयोग की इजाजत भी नहीं ली गई. ऐसे में अब आयोग की मुख्य निर्वाचन अधिकारी चित्रा गुप्ता ने शिक्षा विभाग में 13 और 14 अगस्त की तारीख को राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, दौसा, भरतपुर, सवाई माधोपुर और सिरोही जिले में किए गए तबादले आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए निरस्त कर दिए.

इस संबंध में आयोग से विभाग ने कोई स्वीकृति प्राप्त नहीं की जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. आयोग ने यह भी कहा कि जयपुर, जोधपुर, दौसा, भरतपुर, सवाई माधोपुर और सिरोही इन छह जिलों से अन्य जिलों में तबादले किए गए, अन्य जिलों से इन छह जिलों में तबादले किए गए, इन छह जिलों में परस्पर तबादले किए साथ ही इन छह जिलों में से किसी एक ही जिले के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादले किए जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. बहरहाल आयोग की सख्ती से अन्य विभाग भी सबक लेंगे इसमें कोई दो राय नहीं. पर देखना होगा अन्य विभागों में भी इस तरह जो नियमों की अवहेलना कर आदेश जारी किए गए उन आयोग क्या फैसला लेता है.