मीणा हाईकोर्ट का निर्माण कब और किसने करवाया ll

मुख्य कार्यकर्ता पिंटू मीणा अनीराज मीणा जी से हुई मुलाकात के बाद उन्होंने मीणा हाईकोर्ट की हर जानकारी से हमें अवगत कराया उसका पूरा विवरण हम आपको सुना रहें हैं ll

सन् 1991 में घासी अम्री कांड हुआ था जिसमें अमरी ने अपने पति की हत्या कर दी थी उसको लेकर समाज की मीटिंग हुई पटेलों के फैसले में इस परिवार को समाज से बेदखल कर दिया था उसको लेकर अमरि के परिवार ने पंच पटेलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई और पंच पटेलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया उसी को लेकर माननीय डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने 84 गांव की पंचायत बुलाई और डॉ. किरोड़ी लाल जी ने माननीय सुप्रीम कोर्ट के जज साहब को नांगल गांव में सभा स्थल पर बुलाए गए और उसी आधार पर उन पंच पटेलों की जमानत इसी जगह पर करवाई थी उसके बाद से सर्व समाज ने यह निश्चय किया किस जगह पर हाईकोर्ट का निर्माण कराया जाए माननीय श्री किरोड़ीलाल मीणा जी की सहमति हुई इस काम को शुरू करने का फैसला लिया 1996 मीणा हाईकोर्ट के मुख्य द्वार की नीम रखी गई

उसके बाद अभी तक इस में काम चल रहा है लगभग 82 बीघा जमीन में इसका निर्माण किया जा रहा है जिसमें पुस्तकालय एक बहुत बड़ी पंच पटेलों के लिए अथाई, नहर, बांध,का निर्माण किया जा रहा है यहां के मुख्य कार्यकर्ता ओ ने हमें बताया की सर्व समाज की कोई भी बड़ी मीटिंग या कोई बड़ी पंचायत के लिए इस हाईकोर्ट का निर्माण किया गया है ताकि समाज में यहां आकर न्याय मिल सके कार्यकर्ताओं ने बताया कि जहां हर गरीब अमीर को न्याय मिलता है हर 7 दिन 15 दिन में यहां पर मुख्य न्यायाधीश डॉ किरोड़ी लाल मीणा जी जन सुनवाई करते हैं समस्याओं की सुनवाई तथा निवारण किया जाता है मीणा समाज के लोग दूर-दूर से इस हाईकोर्ट को देखने के लिए आते हैं और अपने आप में गर्व महसूस करते हैं कि ऐसा कोई भी लीडर या कोई नेता आज तक किसी समाज में नहीं हुआ जिसने अपने पूरे जीवन की कमाई सिर्फ समाज के हित में लगा रहे हैं हर नेता मंत्री की सोच अपने परिवार और अपनी संतान के लिए होती है जबकि कार्यकर्ताओं ने बताया डॉक्टर साहब का परिवार सिर्फ समाज है वह शुरू से समाज के लिए तत्पर रहे हैं कार्यकर्ताओं ने बताया इसकी पूरी लागत माननीय किरोडी लाल मीणा जी अपनी तरफ से लगा रहे हैं ll